आजकल हर इंसान को जल्दी पड़ी रहती है उसको हर काम जल्दी जल्दी  चाहिए ,यहाँ हर इंसान अपनी अलग अलग  कामो में परेशांन है किसी को आफिस  जाने की , किसी को हॉस्पिटल जाने की ,किसी को उसने समय दिया है मिलने का ,हर इंसान के कुछ न कुछ मस्तिक में चलते रहता है ,इस कारण  वो रोड पर गाड़िया भगाते  रहता है कभी कभी तो कानो में हेडफोन लगा के भी बाइक ,कार भगाते  हुवे ऐसे निकल ते है कि किसी को आस पास में चल रहे वहां पर भी ध्यान नहीं देते है ,उनके इस चक्कर  में वो इन्शान खुद का तो सही दूसरे का भी नुकशान कर देता है उसकी ये लापरवाही उसको यमराज के पास पंहुचा सकती है

अगर सामने वाला व्यक्ति किसी दूसरे की गाड़ी में नुकसान (एक्‍सीडेंट) करता है तो उस सामने वाले को घबराने की जरुरत नहीं है ,उससे डरने की जरूरत नही है उसे सीधे पुलिस थाना जाना चाहिए ,लेकिन जाने के पहले अपनी गाड़ी के कागज पुरे होने चाहिए जैसे बिमा(इंश्योरेंस) ,ड्राइविंग लाइसेंस,वाहन रजिस्ट्रेशन होना जरुरी है , ये सब दिखा के पुलिस थाना में रिपोर्ट कर सकते है ,जो भी कुछ वहान  में होता है वे  सारी लायबिलिटी बीमा कंपनी की होती है 
1. सबसे पहले पुलिस को सूचित करें।
2. गाड़ी के डाक्‍युमेंट्स(फोटोकॉपी )दस्‍तावेज पुलिस को दे | 
3. तुरंत बीमा(इंश्योरेंस) कंपनी को इस  दुर्घटना (एक्‍सीडेंट )के बारे में पूरी जानकारी के साथ  इंश्योरेंस की पॉलिसी नंबर  की डिटेल भी दें. वह भी एक अप्लीकेशन की साइन  करि हुई दे और एक कॉपी अपने पास रखे अप्लीकेशन के साथ भी बिमा(इंश्योरेंस) ,ड्राइविंग लाइसेंस,वाहन रजिस्ट्रेशन की डुबलीकेट कॉपी (फोटोकॉपी ) भी देना जरुरी है
क्योकि इंश्योरेंस कम्पनी का सर्वर उस जगह जहा ये घटना हुई है उसकी जांच वही करने भी जाता है ,