आजकल देखा जाए तो सभी गांवों में सड़कों का निर्माण हो चुका है , और साथ ही साथ पक्की सड़कें भी गांव में बन चुकी है| और आजकल जिसे देखो वह कार हो या बाइक तेज रफ्तार से चलाता है| और गांव में सड़कों पर बच्चे अधिकतर खेलते रहते हैं|, 
पर आज कई गांव ऐसे भी हैं जहां स्पीड ब्रेकर नहीं है| और सरकार भी उन पर ध्यान नहीं देती है, और देखा जाए| तो गांव वालों की भी गलती होती है उन्हें पंचायत में
स्पीड ब्रेकर लगाने की अर्जी देना चाहिए| और कुछ गांव में तो स्पीड ब्रेकर लग भी चुके हैं,
और अधिकतर गांव में तो जिनके कच्चे मकान होते हैं उनके बच्चे तो सड़क पर ही खेलते जिससे कि उनको जान का खतरा भी हो सकता है, और गांव में तो बच्चों के मां-बाप खेतों में चले जाते हैं और बच्चों को घर पर अकेला ही छोड़ कर चले जाते हैं,


 अगर सड़कों पर स्पीड ब्रेकर होंगे तो दुर्घटना भी नहीं होगी | और अब तो गांव में भी हर किसी के पास कार और बाइक होती ही है, पहले तो शहरों में भी स्पीड ब्रेकर नहीं थे फिर तीन लोगोंने खुद ही अपने पास के पार्षद को कहकर स्पीड ब्रेकर लगवा लिए हैं
और अब गांव की बारी है गांव में भी लोगों को ऐसा ही करना चाहिए| जिससे कि दुर्घटना होने की संभावना कम हो|